
गढ़वा: जिले के सभी थाना एवं ओपी परिसरों में गुरुवार को आयोजित थाना दिवस में बड़ी संख्या में लोग अपनी भूमि विवाद संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान संबंधित अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारियों ने संयुक्त रूप से फरियादियों की शिकायतें सुनीं तथा दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विवादों के समाधान का प्रयास किया। प्रशासन की इस पहल से कई वर्षों से लंबित मामलों में भी सकारात्मक प्रगति देखने को मिली।

जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, जिलेभर में आयोजित थाना दिवस के दौरान कुल 105 भूमि विवाद के मामले दर्ज किए गए। इनमें से 74 मामलों का मौके पर ही दोनों पक्षों की आपसी सहमति एवं आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर समाधान कर दिया गया। वहीं, 31 मामलों में अतिरिक्त जांच, अभिलेखों के सत्यापन अथवा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जरूरत होने के कारण उनकी सुनवाई के लिए अंचल दिवस अथवा अगले थाना दिवस की तिथि निर्धारित की गई।

अधिकारियों ने सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से भूमि से जुड़े दस्तावेज, खतियान, रसीद, नक्शा एवं अन्य अभिलेखों की जांच की। कई मामलों में दोनों पक्षों को समझाइश देकर आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया गया, जिससे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सका।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में कानूनी अथवा तथ्यात्मक जटिलता पाई गई या जिनका समाधान प्रशासनिक स्तर पर संभव नहीं था, उन मामलों में संबंधित पक्षों को सक्षम न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई, ताकि विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत विवाद का अंतिम निस्तारण हो सके।
जिला प्रशासन ने कहा कि थाना दिवस का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का त्वरित, पारदर्शी एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। इस पहल से न केवल लोगों को स्थानीय स्तर पर त्वरित राहत मिल रही है, बल्कि अनावश्यक मुकदमेबाजी, तनाव और आपसी विवादों में भी कमी आ रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि भूमि संबंधी विवादों के समाधान के लिए थाना दिवस एवं अंचल दिवस जैसे मंचों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।






